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दिल्ली ही नहीं पूरा उत्तर भारत बना गैस चैंबर: केजरीवाल

नई दिल्ली . दिल्ली में स्मॉग के चलते जहरीली हवा को लेकर जहां दिल्ली गवर्नमेंट  नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दिल्ली गवर्नमेंट को फटकार लगाई है, वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने बोला कि पिछले कुछ हफ्ते के दौरान ही न केवल दिल्ली, बल्कि पूरा उत्तर हिंदुस्तान गैस चैंबर में तब्दील हो गया है.

आम आदमी पार्टी के मुखिया ने बोला कि हवा में पीएम का स्तर बढ़ने की वजह केवल दिल्ली का प्रदूषण नहीं है.उन्होंने बोला कि लोगों के साथ दिल्ली गवर्नमेंट भी हवा में प्रदूषण के स्तर पर लगाम लगाने के लिए तैयारी है,लेकिन यह तब तक अच्छा नहीं होगा, जब तक कि पराली जलाना कम नहीं होगा.

The high increase in पीएम levels in Delhi is not just due to local reasons, people & govt of Delhi are ready to take all steps but these steps will not be enough until solution to crop burning is found: Delhi सीएम pic.twitter.com/MmQVyzrthP

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इसी के साथ उन्होंने यह भी बोला कि जब तक राज्य सरकारें किसानों की समस्या दूर नहीं कर देतीं, पराली का जलाना कम नहीं होगा. दिल्ली में ऑड-इवन के मुद्दे पर उन्होंने बोला कि अगर आवश्यकता पड़ी तो इस पर निर्णय आज या कल में ले लिया जाएगा.

Decision on Odd-Even formula will be taken by today or tomorrow, if need arises: Arvind Kejriwal,Delhi सीएम pic.twitter.com/IagTamsopb

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प्रदूषण पर रोकथाम के मुद्दे पर केजरीवाल ने बोला कि केंद्र गवर्नमेंट के साथ यूपी, हरियाणा  पंजाब की गवर्नमेंट को एक साथ आना होगा.

वहीं, केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने बोला कि प्रदूषण के मुद्दे पर पॉलिटिक्स नहीं करनी चाहिए. ऐसे कठिन समय में सबको साथ आकर इसके विरूद्ध लड़ना चाहिए.

This matter shouldn’t be politicized, it is the time for everyone to come together and fight this problem: MoS Environment, Mahesh Sharma #AirPollution #smog pic.twitter.com/dvJ0ByJins

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इससे पहले एनजीटी ने सुनवाई के दौरान प्रदूषण पर कठोर रुख अपनाते हुए आदेश दिया था कि पूरे एनसीआर में निर्माण काम पर अगली सुनवाई तक रोक लगेगी. एनजीटी ने आदेश में स्पष्ट किया कि निर्माण चाहे सरकारी हो या व्यक्तिगत हो या निजी. इस बीच मज़दूरों को उनका मेहनताना मिलता रहेगा.

एनजीटी ने प्रदूषण करने वाले उद्योगों पर भी रोक लगाने के आदेश दिए. एनजीटी ने बोला कि सभी विभाग निगरानी के लिए टीम बनाएं, अगर खुले में सीमेंट, बजरी पड़ी है तो उसको ज़ब्त करें ज़ुर्माना वसूलें.

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