Thursday , 21 June 2018
Loading...
Breaking News

सरकारी बैंकों के विरूद्ध सबसे ज्यादा शिकायतें

आज तक आपने बैंकों से हुई धोखाधड़ी के बारे में लगातार खबरें पढ़ी या फिर सुनी होंगी. लेकिन क्या आपको मालूम है कि राष्ट्र के लाखों लोग भी बैंकों की कार्यशैली से परेशान हैं. इंडियन रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पिछले आठ वर्षों का आंकड़ा जारी कर दिया है.
Image result for भारतीय रिजर्व बैंक

हर घंटे 11 शिकायतें
भारतीय रिजर्व बैंक ने रिपोर्ट जारी करते हुए बोला है कि बैंकिंग ऑम्बस्डमैन के पास हर घंटे 11 शिकायतें आ रही हैं. 1 अप्रैल 2010 से लेकर 31 मार्च 2018 तक भारतीय रिजर्व बैंक के पास 5 लाख लोग शिकायत कर चुकें हैं.
 /assets/images/2018/06/13/graph-rbi_5b20cfb7d2e48.jpg” style=”height:509px; width:750px” />

20 प्रतिशत लोगों ने की इसकी शिकायत
भारतीय रिजर्व बैंक ने बोला है कि 20 प्रतिशत लोगों ने केवल एटीएम, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड को लेकर के शिकायत दर्ज की है. वहीं 38 प्रतिशत लोगों ने बैंक द्वारा किए गए वादे को भूलने को लेकर के शिकायत दर्ज कराई है. वहीं 8 प्रतिशत लोगों ने समय पर पेंशन न मिलने के बारे में ऑम्बस्डमैन को लेटर लिखा है.

2016-17 में मिली सबसे ज्यादा शिकायतें
2016-17 में करीब 1.3 लाख लोगों (27 फीसदी) ने बैंक कर्मियों के बेकार व्यवहार को लेकर के शिकायत दर्ज कराई हैं. हालांकि बैंक के केवल 0.2 प्रतिशत ग्राहकों को लेटर लिखने के बाद कुछ निवारण मिला है. ऐसा इसलिए क्योंकि बैंक भी शिकायत मिलने के बाद इस पर कार्यवाही करने में देरी करते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक 2.8 लाख लोगों ने सरकारी बैंकों के विरूद्ध शिकायतें दर्ज कराई हैं. वहीं दूसरे नंबर पर व्यक्तिगत बैंक हैं. हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक ने केवल शिकायतों के बारे में उल्लेख किया गया है, लेकिन कुल राशि के बारे में जिक्र नहीं किया है. हालांकि यह रकम लाखों में हो सकती है.