Thursday , 21 June 2018
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दिल्ली व एनसीआर एरिया में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर गया पहुंच

राष्ट्र की राजधानी  इसके आस-पास के इलाकों के आसमान धूल से सनी दिख रही है. राजधानी एनसीआर एरिया में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. एनसीआर की फिजा थोड़ी मटमैली सी लग रही है. जिससे पिछले वर्ष नवंबर की यादें ताजा हो गई जब शहर की हवा प्रदूषण के खतरनाक स्तर तक पहुंच गई थी.

दिल्ली के पर्यवारणविदों की मानें तो राष्ट्रीय राजधानी एरिया जहरीली हवा की गिरफ्त में है.राजधानी के चारों ओर फैली इस जहरीली हवा से यहां के निवासी आने वाले समय में बीमार पड़ जाएंगे.

मंगलवार को हवा में धूल के कणों से सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा. इस धूल को पीएम 10 के रूप में वर्गीकृत किया गया था, जो इंसानी बाल की चौड़ाई से लगभग पांच गुना छोटा होता है. रविवार शाम 6 बजे हवा में इसका स्तर 138 मापा गया, जो मंगलवार प्रातः काल 8 बजे 433 बजे तक पहुंच गया.हवा में आए इस परिवर्तन का कारण विशेषज्ञों ने हवा की दिशा बदलना बताया.

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दिल्ली से सटे नोएडा में मंगलवार शाम चार बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स का स्तर 342 रिकार्ड किया गया. गाड़ी चलाने वालों के अतिरिक्त सांस संबंधित मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है.

पीएम 10 के लिए सुरक्षित सीमा 100ug/m3 है  430ug/m3 से ऊपर के स्तर को गंभीर माना जाता है.

पर्यावरणविद विमलेंदु झा ने बोला कि केंद्र या राज्य गवर्नमेंट कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं.उन्होंने बोला कि निर्माण कार्यों के नाम पर पेड़ काटे जा रहे हैं जिससे सार्वजनिक सेहत पर संकट खड़ा हो गया है.

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झा ने दिल्ली की आबोहवा पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट को सलाह जारी करनी चाहिए क्योंकि लोग इस बात से अनजान हैं कि दिल्ली के आसपास फैली धुंध जहरीली हवा है जो आने वाले समय मे उनके सेहत को प्रभावित करेगी.

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी एरिया में प्रदूषण के जानलेवा स्तर तक पहुंच जाने पर पिछले वर्ष नवंबर में केंद्र  दिल्ली, पंजाब एवं हरियाणा की सरकारों को नोटिस जारी किया था. आयोग ने बोला कि गवर्नमेंट जहरीली धुंध के कारण अपने नागरिकों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकती.

आयोग ने विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों  तीनों राज्यों की सरकारों से दशा से निपटने के लिए उठाए जा रहे एवं प्रस्तावित प्रभावशाली कदमों की दो हफ्ते के भीतर रिपोर्ट मांगी थी.