Saturday , 26 May 2018
Loading...

विधि विधान से श्रद्धालुओं के लिए खोला गया बद्रीनाथ मंदिर का कपाट

बद्रीनाथ: विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए रविवार (29 अप्रैल) को केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले गए थे प्रातः काल 4.30 बजे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले गए कपाट खुलने की प्रक्रिया प्रातः काल तीन बजे प्रारम्भ हुई कपाट खुलने के बाद मुख्य पुजारी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने गर्भगृह में जाकर इस वर्ष की पूजा प्रारम्भ की उन्होंने उद्धवजी  कुबेरजी को ईश्वर बदरी विशाल के साथ स्थापित कर दिया कपाट खुलने के साथ ही चार धाम की यात्रा पूरी तरह से प्रारम्भ हो गई है

Image result for बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही चार धाम की यात्रा पूरी तरह शुरू6 महीने के लिए खुले रहेंगे कपाट
बद्रीनाथ  केदारनाथ के कपाट केवल 6 महीने के लिए ही खुलते हैं 6 महीने तक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ  बद्रीनाथ के दर्शन करने पहुंचते हैं नवंबर के दूसरे सप्ताह में अगले 6 महीने के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं बता दें बद्रीनाथ में एक कुंड है जिसे तप्त कुंड बोला जाता हैइस कुंड से गर्म पानी निकलता है इस कुंड में नहाना धार्मिक लिहाज से तो जरूरी है ही, साथ में सेहतके लिहाज से भी यह बहुत जरूरी है कपाट खुलने के मौका पर बद्रीनाथ मंदिर को करीब 15 क्विंटल फूलों से सजाया गया है कपाट खुलने को लेकर भक्तों में गजब का उत्साह था सभी भक्त जयकारे लगा रहे थे प्रातः काल कपाट खुलने के बाद तिल के ऑयल से ईश्वर बदरी विशाल का महाभिषेक किया गया साथ ही उनके बॉडी पर लेपन भी किया गया

हिंदुओं की आस्था का  बहुत बड़ा केंद्र
बद्रीनाथ मंदिर हिंदुओं की आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है अलखनंदा नदी के किनार बसा यह मंदिर ईश्वर विष्णु, शिव  माता पार्वती को समर्पित है यह मंदिर दो पर्वतों के बीच बसा है दोनों पर्वतों को नर नारायण पर्वत बोला जाता है बता दें, बद्रीनाथ मंदिर के पुजारी शंकराचार्य के वंशज होते हैं इन पुजारियों को रावल बोला जाता है हिंदु धर्म के मुताबिक ईश्वर विष्णु ने बोला था कि कलियुग में वे अपने भक्तों को बद्रीनाथ मंदिर में मिलेंगे

Loading...