Saturday , 26 May 2018
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पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध ना होने के कारण न्यायालय ने खारिज की शादी

मुंबई : महिला से धोखे से विवाह करने के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते इसे रद्द करने का निर्णय सुनाया है दरअसल, पिछले दिनों न्यायालय कोल्हापुर की एक दंपत्ति के मामले की सुनवाई कर रहा था मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस मृदुला भाटकर ने कहा, इस मामले में विवाह के 9 वर्ष बीत जाने के बाद भी दंपत्ति के बीच शारीरिक संबंध होने का कोई भी प्रमाणनहीं है, जिसके कारण इसे रद्द किया जाता है

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 वर्ष 2009 में एक लड़का  लड़की की विवाह हुई थी जिस वक्त विवाह हुई उस वक्त महिला की आयु 21 वर्ष थी, जबकि पुरुष की आयु 24 वर्ष थी विवाह के अगले दिन ही न्यायालय में याचिका दायर करते हुए महिला ने बोला था कि, उस शख्स ने कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर धोखे से उससे विवाह की है याचिका में महिला ने बोला था कि वह उस विवाह को मानने के लिए तैयार नहीं है, धोखे की विवाह का जैसे ही उसे एहसास हुआ उसने रजिस्ट्रार को इस बारे में जानकारी दी महिला का कहना है कि वह इस विवाह को कानूनी तौर पर रद्द करवाना चाहती थी

ट्रायल न्यायालय ने रद्द की थी शादी
न्यायालय में याचिका दायर करने के बाद महिला की विवाह को ट्रायल न्यायालय ने रद्द कर दिया था, लेकिन जब मामला अपीलीय न्यायालय पहुंचा तो न्यायालय ने पति के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए बोलाकि जब महिला पढ़ी-लिखी है तो ऐसे किसी कोरे कागज पर कैसे हस्ताक्षर कर सकती है न्यायालय ने महिला की ओर से किए जा रहे धोखे के वादों को सिरे से खारिज कर दिया था

शारीरिक संबंध ना होने के कारण न्यायालय ने खारिज की शादी
बॉम्बे न्यायालय में सुनवाई के दौरान महिला के पति ने बोला था कि वह लोग विवाह के बाद साथ रहे हैं  उनके बीच शारीरिक संबंध भी बनें हैं पति ने यह भी दावा किया है कि इस दौरान महिला गर्भवती भी हुई, लेकिन उसने गर्भपात करवा लिया हालांकि इस संदर्भ में पति न्यायालय में कोई भी ठोस प्रमाण पेश करने में असमर्थ रहा मामले की सनुवाई कर रही जस्टिस मृदुला भाटकर ने कहा, महिला की ओर से किए जा रहे धोखे का कोई भी ठोस प्रमाण नहीं है  ना ही इस बात का कोई प्रमाण है कि दंपत्ति के बीच शारीरिक संबंध बने हैं, जिसके आधार पर विवाह को रद्द किया जा सकता है न्यायालयने बोला कि विवाह के सबसे अहम उद्देश्यों में नियमित शारीरिक संबंध शामिल है अगर किसी दंपत्ति के बीच एक बार भी संबंध बनाए जाते हैं तो उसे विवाह माना जा सकता है, लेकिन जब ऐसा ना हो तो यह विवाह नहीं है