Saturday , 26 May 2018
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राज्यों के भीतर होने वाले सामानों के आवागमन के लिए ईवे बिल को जरूरी 

25 अप्रैल से चार राज्यों के भीतर (राज्यों के अंदर) होने वाले सामानों के आवागमन के लिए ईवे बिल को जरूरी कर दिया जाएगा. इनमें मध्य प्रदेश  पुडुचेरी शामिल है. एक अप्रैल को गवर्नमेंट ने इलेक्ट्रॉनिक वे या ई वे बिल एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने के लिए जिनका 50,000 रुपये का मूल्य हैं, के लिए जरूरी कर दिया था.

Image result for मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय व पुडुचैरी में भी 25 अप्रैल से लागू होगा ई-वे बिलइसी को इंट्रा या राज्यों के भीतर होने वाले आवागमन के लिए 15 अप्रैल को जरूरी कर दिया था. अब तक राष्ट्र के 12 राज्यों में इंट्रा स्टेट आवागमन के लिए ई वे बिल को लागू कर दिया गया है.

जीएसटीएन के सीईओ प्रकाश कुमार ने बताया, “चार  राज्य- मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम  मेघालय  संघ शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए इंट्रा स्टेट भवे बिल 25 अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा.

ई-वे बिल की लॉन्च डेट पर जारी हुए 171000 बिल

 राज्यों के बीच माल ढुलाई के लिए 2 अप्रैल को इंटर-स्टेट ई-वे बिल का पास उपयोग प्रारम्भ हो गया था. इसके साथ ही एक राज्य से दूसरे राज्य तक रुपये से ज्यादा मूल्य की माल ढुलाई के लिए कारोबारियों को अब ई-वे बिल का उपयोग करना जरूरी हो गया. वित्त मंत्रालय के मुताबिक शनिवार-रविवार की रात 12 बजे से प्रारम्भ हुई पहली अप्रैल को शाम पांच बजे तक 1,71,503 इंटर-स्टेट ई-वे बिल सफलतापूर्वक जारी किए गए. कर्नाटक एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने इंट्रा-स्टेट यानी राज्य के अंदर भी ई-वे बिल की व्यवस्था पिछले साल सितंबर से ही लागू की हुई है. राष्ट्रीय स्तर पर इंट्रा-स्टेट ई-वे बिल व्यवस्था को 15 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से लांच कर दिया गया है.