Monday , 21 May 2018
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विश्व बैंक की रिपोर्ट ने खोल दी ‘डिजिटल इंडिया’ की पोल

न्यू यॉर्क: इस डिजिटल युग में कोई भी आदमी ज्यादा मात्रा में कैश अपने पास नहीं रखता है, वो अधिकांश अपने पैसे को या तो निवेश कर देता है या फिर सुरक्षा के लिहाज से बैंक में जमा करा देता है वहीं दूसरी  गवर्नमेंट भी लूट, चोरी डकैती जैसे अपराधों पर रोक लगाने  कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान चला रही है ऐसे में विश्व बैंक की रिपोर्ट जो आंकड़े बताती है, उससे लगता है कि हिंदुस्तान में कैशलेस लेन-देन को पनपने में अभी कुछ समय  लगेगा

Image result for विश्व बैंक की रिपोर्टक्योंकि इसके लिए डिजिटल मनी का प्रयोग करना होता है  उसके लिए बैंक अकाउंट का होना जरुरी है लेकिन विश्व बैंक की रिपोर्ट बताती है हिंदुस्तान के करीब 19 करोड़ वयस्कों का कोई बैंक खाता नहीं है, हालाँकि पहले के मुकाबले इसमें इज़ाफ़ा जरूर हुआ है, जैसे 2011 में 35 प्रतिशतव्यस्क खाताधारक थे, जबकि 2017 में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत तक पहुँच गया विश्व बैंक द्वारा जारी ‘वैश्विक फाइंडेक्स रिपोर्ट’ में बोला गया है, ‘भारत में वित्तीय समावेशन में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिससे खाताधारकों की संख्या में तेज़ी से इज़ाफ़ा हो रहा है

रिपोर्ट में पहला नंबर चाइना का है, जहाँ 22.5 करोड़ वयस्क बैंकिंग सेवाओं से वंचित है, इसके बाद पाक में यह आबादी 10 करोड़  इंडोनेशिया में 9.5 लोग ऐसे हैं जिनके पास बैंक खाता नहीं है वहीं रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पुरे विश्व में कुल 1.7 अरब वयस्क बैंकिंग सेवाओं से वंचित हैं

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