Saturday , 26 May 2018
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जाने क्या हुआ 500 अाैैर 1000 के पुराने नाेट

नाेटबंदी के बाद हजार  पांच सौ के पुराने नोट पूरी तरह से गैरकानूनी हो चुके हैं. इन्हें बदलने की समयसीमा भी बीत चुकी है. अब सवाल यह है कि विभिन्न अपराधों से जुड़े मालखानों में रखे पुराने नोटों का क्या होगा. अभी भी माल मुकदमा के रूप में कुछ मालखानों में पुराने नोट रखे हैं.

मालखानों में रखे पुराने नाेटाें के मामले में गुरुवार को एसएसपी के विरूद्ध अवमानना वाद दाखिल किया गया है. नाेटबंदी से पहले कल्याणपुर पुलिस ने रेलवे  बैंक की इम्तिहान का साल्वर गैंग विकास नगर से पकड़ा था. इसमें फतेहपुर का रविकांत वर्मा भी शामिल था. रविकांत से पुलिस ने छह लाख रुपये बरामद किया था. थाने के मालखाने इसे जमा किया गया था.

Image result for 500,1000 के पुराने नाेटरविकांत काे न्यायालय से जमानत के बाद एसीएमएम 2 की न्यायालय ने छह लाख रुपये, एटीएम कार्ड  मोबाइल रिलीज का आर्डर कर दिया. रविकांत कल्याणपुर थाने में रिलीज का न्यायालय का आदेश लेकर पहुंचा ताे पुलिस ने उसे बंद हुए पांच सौ  हजार के छह लाख रुपये के पुराने नोट थमाए.उसने लेने से मना कर दिया. अधिवक्ता शशिकांत शुक्ला ने एसएसपी के विरूद्ध अवमानना वाद दाखिल किया है.

इसमें बोला गया है कि नोट बंदी के दौरान रिजर्व बैंक ने मालखाने में जमा पुराने नोट बदलवाने को बोला था. अभियुक्त ने भी न्यायालय में इस बारे में अर्जी दी थी. न्यायालय ने नोट बदलवाने को कल्याणपुर पुलिस से बोला था. फिर भी नोट नहीं बदलवाए गए. इस मामले का खुलासा होने पर आईजी आलोक सिंह का कहना है कि एसएसपी से कहकर दिखवाया जाएगा कि माल मुकदमा के रूप में  भी मालखानों में पुराने नोट तो नहीं रखे हैं.

अगर ऐसे मामले  सामने आए तो रिजर्व बैंक के संज्ञान में लाते हुए मार्ग दर्शन मांगा जाएगा. पुराने नोट बदलने में कुछ मुकदमों में कई कानूनी पेच फंसने के कारण नोट नहीं बदले जा सके होंगे. अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित का कहना है कि नोटबंदी के दौरान माल मुकदमा (पुराने नोट) के बारे में संबंधित लोगों ने न्यायालय में अर्जी देकर पुलिस के लिए नोट बदलने के आदेश कराए थे. चूंकि यह माल मुकदमा था. चार्जशीट में नोटों का पूरा ब्योरा होता है.

इसलिए उन पुराने नोटों की फोटो कापी कराकर नए नोटों के साथ बतौर माल मुकदमा रखवा दिए गए थे. नोटबंदी के समय डीजीपी ने एक सर्कुलर सभी एसपी  एसएसपी के लिए जारी किया था. इसमें बोला गया था कि संबंधित पक्ष न्यायालय में पुराने नोट बदलवाने के लिए कोई अर्जी नहीं देते हैं तो पुलिस यह मामला न्यायालय के संज्ञान में लाकर नोट बदलवा लें. इसलिए डीजीपी के आदेश का अनुपालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी थी. न बदलवाने पर पुलिस की जवाबदेही बनेगी.