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तीसरे विश्व युद्ध की आहट दे रहा ट्रम्प-पुतिन का मतभेद

सीरिया: दूसरे विश्व युद्ध में अमेरिका  सोवियत संघ ने मिलकर धुरी देशों को धूल चटाई थी लेकिन दूसरे वर्ल्ड वार के बाद दशा बदले  दोनों राष्ट्रमहाशक्ति बनने का सपना संजोए हथियारों की होड़ में लग गए, फिर आरंभहुई शीत युद्ध की सोवियत संघ  अमेरिका के बीच मतभेद तो थे लेकिन दोनों वर्षों तक आमने-सामने नहीं आए

Image result for क्या ट्रम्प-पुतिन की तल्ख़ी आहट है विश्वयुद्ध कासितंबर 1962 में क्यूबा संकट की वजह से तीसरे विश्व युद्ध की आहट जरूर सुनाई देने लगी दरअसल, सोवियत संघ ने क्यूबा में परमाणु मिसाइलें तैनात कर दी थी जब अमेरिका को उन मिसाइलों का पता चला तो क्यूबा आने वाली जहाजों पर पैनी नजर रखी जाने लगी रूस बिफर गया  परमाणु पनडुब्बी क्यूबा के लिए रवाना कर दिए अमेरिकी युद्धपोत  रूसी पनडुब्बी आमने-सामने हो गए लेकिन संसार के दबाव में युद्ध टल गया

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उस वक्त युद्ध तो टल गया लेकिन रूस  अमेरिका के बीच तनाव कभी कम नहीं हुआ अलग-अलग मुद्दों पर दोनों राष्ट्रों में हमेशा मतभेद रहे हाल के वर्षोंमें मध्य पूर्व में वर्चस्व दोनों के बीच तनाव की सबसे बड़ी वजह रही है यानी रूस  अमेरिका ऑयल के खेल का चैंपियन बनना चाहते हैं सीरिया  ईरान को रूस का समर्थन हासिल है तो सऊदी अरब  संयुक्त अरब अमीरात को अमेरिका का इसी खेल में दशा बिगड़ रहे हैं एक बार फिर तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई दे रही है लेकिन अगर इस बार वर्ल्ड वार हुआ तो मुकाबला त्रिकोणीय होगा