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पीएनबी घोटाला पर आईसीएआई ने बोला ये बड़ी बात

मुंबई: भारतीय सनदी लेखा संस्थान( आईसीएआई ) ने बोला कि उसे पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी ) से 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के विषय में अभी तक जानकारियां नहीं मिली हैं संस्थान ने एक उच्च स्तरीय समूह गठित किया है जो पीएनबी घोटाले में प्रणालीगत खामियों का अध्ययन कर रहा है   समूह बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने के लिए उठाये जाने वाले बचाव के कदमों का भी सुझाव देगा समूह ने बैंक से सूचना पाने में असफल रहने के बाद गवर्नमेंटसे इसमें दखल की मांग की है ताकि उसे घोटाले से संबंधित जानकारियां मिल सके

Image result for पीएनबी घोटाला: PNB ने ICAI को नहीं दी अब तक घोटाले से जुड़ी जानकारियांआईसीएआई के सदस्य एस  बी  जवारे ने यहां संवाददाताओं से बोला , ‘‘ कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय  वित्त मंत्रालय ने पीएनबी को चिट्ठी भेजकर उसे आईसीएआई को सूचनाएं मुहैया कराने को बोला है लेकिन अभी तक हमें बैंक से कोई सूचना नहीं मिली है ’’ उन्होंने बोला कि समूह ने पीएनबी से कुछ दस्तावेजों, प्रक्रियाओं तथा घोटाले से जुड़ी अन्य जानकारियों का अनुरोध किया था

पीएनबी धोखाधड़ी: केन्द्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, अदालतों द्वारा कोई समानांतर जांच नहीं हो सकती
इससे पहले बीते 16 मार्च को केन्द्र गवर्नमेंट ने 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में उच्चतम कोर्ट को बताया कि जांच में न्यायालयद्वारा कोई‘‘ समानांतर जांच’’ और‘‘ समानांतर निगरानी’’ नहीं हो सकती है केंद्र ने शीर्ष न्यायालय के CBI को दिये उस सुझाव का भी विरोध किया जिसमें इस मामले की जांच की स्थिति रिपोर्ट मोहरबंद लिफाफे में दाखिल करने की बात कहीं गई थी न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक पीठ को अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने बताया कि जांच एजेंसियों के मामले की जांच प्रारम्भ करने से पहले लोग जनहित याचिकाओं के साथ अदालतों में आ जाते है

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पीठ में न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर  न्यायमूर्ति डी वाई चन्द्रचूड़ भी शामिल थेवेणुगोपाल ने पीठ को बताया,‘‘ क्या किसी को पीआईएल दाखिल करके इस न्यायालयमें आने का कोई औचित्य है  कहते है कि न्यायालय को जांच की स्थिति के बारे में सूचित किया जाना चाहिए अदालतों द्वारा समानांतर जांच  समानांतर निगरानी नहीं की जा सकती हैं ’’

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