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हंगामे के कारण पेश नहीं हुआ अविश्वास प्रस्ताव, लोकसभा सोमवार तक के लिए स्थगित

Dispute motion not presented due to ruckus Lok Sabha adjourned till Mondayकोलंबो: श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे के समर्थन वाला संयुक्त विपक्ष पीएम रानील विक्रमसिंघे के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है संयुक्त विपक्ष (जेओ) के सांसद रंजीत सोयसा ने शनिवार को बोला कि 68 वर्षीय विक्रमसिंघे के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव अगले हफ्ते सदन की कार्रवाई प्रारम्भ होने के बाद संसद के अध्यक्ष को सौंपा जाएगा वहीं राजपक्षे ने बोला कि वह गवर्नमेंट गिराने के करीब हैं जेओ ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव में विक्रमसिंघे के विरूद्ध पिछले तीन साल में किए गए आर्थिक कुप्रबंध का आरोप भी शामिल है हाल ही में विक्रमसिंघे को मध्य कैंडी जिले में हिंसा भड़कने के बाद कानून एवं विधि मंत्री के पद से हटा दिया गया था

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सेंट्रल बैंक बांड मामले के करप्शन में शामिल
जेओ ने बताया कि विक्रमसिंघे की यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के कुछ सदस्य भी अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करेंगे सोयसा ने बताया कि विक्रमसिंघे के विरूद्ध लगे आरोपों में सेंट्रल बैंक बांड मामले में वर्ष 2015 2016 में हुआ करप्शन भी शामिल है राजपक्षे की नयी पार्टी श्रीलंका पीपल्स पार्टी (एसएलपीपी) को 10 फरवरी को मिली व्यापक जीत के बाद विक्रमसिंघे इस्तीफे की मांग का सामना कर रहे हैं राजपक्षे के विश्वासपात्र राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना की श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) के पास अविश्वास प्रस्ताव में जीत हासिल करने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है यूएनपी के सदस्य जब तक बड़ी संख्या में विक्रमसिंघे के विरूद्ध नहीं आते हैं, तब तक अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की आसार कम है

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सिरीसेना ने विक्रमसिंघे को कानून एवं विधि मंत्री के पद से बहुसंख्यक सिंघली बौद्ध  अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के बीच कैंडी जिले में भड़की हिंसा के बाद आठ मार्च को कानून एवं विधि मंत्री से हटा दिया था

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