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उपचुनावों में दिखा 2019 का ट्रेलर, फूलपुर-गोरखपुर में हारी BJP

यूपी में चला बुआ-बबुआ का जादू, बिहार में छाई तेजस्वी की लालटेन

यूपी में हुए उपचुनाव में भले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद की सीट पर सपा ने कब्जा कर लिया है. गोरखपुर में जीत इसलिए बड़ी है क्योंकि यहां बीजेपी का किला ही ढहा दिया.

लेकिन सपा फिरोजाबाद आगरा में अपना किला नहीं बचा सकी. फिरोजाबाद में सपा से बगावत करके जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार को जीत मिली.

जबकि आगरा में भी बीजेपी ने अपने मास्टर स्ट्रोक से सपा का चोरों खाना चित कर दिया. यहां तो सपा की ओर कोई प्रत्याशी नामांकन करने तक नहीं गया.

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इसलिए आगरा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर बीजेपी के प्रबल प्रताप सिंह (राकेश बघेल) की ताजपोशी हो गई.15 मार्च को उन्हें जीत का प्रमाणपत्र भी दे दिया गया.

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फिरोजाबाद में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पिछले दिनों जिले में जो कुछ भी हुआ वह अप्रत्याशित  चौंकाने वाला है. बीजेपी के मास्टर स्ट्रोक से सपा के महान नेता भी भौचक हैं.

सपाई यकीन नहीं कर पा रहे कि जिस विधायक के उत्पीड़न के विरूद्ध पार्टी आंदोलन कर रही थी वही विधायक बीजेपी से हाथ मिला लेगा. पॉलिटिक्स का एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सोमवार को यहां हुआ.

पूरी रणनीति के सूत्रधार पूर्व मंत्री  बीजेपी नेता जयवीर सिंह रहे. उन्हीं के आवास पर रणनीति बनी. सदस्यों की तोड़फोड़  अपने पाले में लाने का चौंकाने वाला खेल जब सबके सामने आया तो लोग गणित ही लगाते रहे ऐसा कैसे हुआ.

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क्योंकि सभी जानते हैं कि हरिओम यादव  जयवीर सिंह के बीच जबरदस्त सियासी दुश्मनी है. जयवीर सिंह को ही हरा कर हरिओम सिरसागंज से विधायक बने. हरिओम यादव  छोटू के विरूद्ध मुकदमों की फेहरिस्त से लेकर थाने में हिस्ट्रीशीट खुलवाने तक किसका हाथ रहा.

उधर पूर्व विधायक रामवीर यादव  हरिओम यादव के बीच भी कभी संबंध अच्छे नहीं रहे हैं. इसी का लाभ उठाकर बीजेपी ने उनसे हाथ मिला लिया  उनके बेटे अमोल यादव को प्रत्याशी बनाकर जिला पंचायत की कुर्सी अपने कब्जे में कर ली.

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