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वेबसाइटों पर लिंग परीक्षण से संबंधित विज्ञापनों के मामले की अंतिम सुनवाई 13 अप्रैल को

वेबसाइटों पर लिंग परीक्षण से संबंधित विज्ञापनों के मामले की अंतिम सुनवाई 13 अप्रैल कोराष्ट्र की सबसे बड़ी फॉस्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) कंपनी भारत यूनिलीवर (HUL) ने औनलाइन पोस्ट होने वाले अपने विज्ञापनों में कटौती करने का ऐलान किया है. कंपनी ने यह कदम अपनी मूल कंपनी यूनिलीवर की नयी ग्लोबल पॉलिसी के तहत इस कदम को उठाया है.

फेसबुक, गूगल पर देती है सबसे ज्यादा विज्ञापन
कंपनी सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक  सर्च इंजन गूगल पर सबसे ज्यादा अपने औनलाइन एडवरटाईजमेंट देती है. कंपनी ने बोला है कि अगर औनलाइन कंपनियां विज्ञापनों के साथ में ऐसा कंटेंट दिखाएंगे जो लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काता है या फिर बच्चों का शोषण करता है.

यूनिलीवर करता है हर वर्ष 9.4 बिलियन डॉलर खर्च

यूनिलीवर हर वर्ष विज्ञापनों पर 9.4 बिलियन डॉलर खर्च करता है, जिसमें से एक तिहाई भाग औनलाइन पर जाता है. वहीं हिंदुस्तान में एचयूएल सबसे बड़े विज्ञापनदाताओं में से एक है. हिंदुस्तान में इसके लिए कंपनी ने 3 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है, जिसमें से करीब 20 प्रतिशत डिजिटल मीडिया पर खर्च किया जाता है. 2020 तक इसके 25 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की आसार है.

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भेदभाव को बढ़ावा देने को रोकना मकसद

यूनिलीवर के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर केथ वीड ने बोला कि कंपनी बढ़ते नस्लभेद, धार्मिक भावनाएं को रोकना चाहता है. इसी कदम के तहत कंपनी ने इस तरह का निर्णयलिया है. केथ ने बोला कि उन्होने अपने सभी डिजिटल पार्टनर फेसबुक, गूगल, ट्विटर, स्नैप  अमेजॉन के अधिकारियो से मुलाकात की है  सभी ने उनकी कंपनी की इस पॉलिसी का समर्थन किया है. अपने ब्रांड्स को सेफ रखने के लिए यूनिलीवर ने यह कदम उठाया है.

गूगल, फेसबुक ने किया कदम का स्वागत
एचयूएल के इस कदम का हिंदुस्तान में फेसबुक  गूगल ने स्वागत किया है. दोनों कंपनियों ने बयान जारी करके बोला है कि हम इस कदम पर उनके साथ कार्य कर रहे हैं अपने पार्टनर, उपभोक्ता और कस्टमर का भरोसा कायम रखने के लिए आने वाले दिनों में ठोस कदम उठाये जाएंगे.