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खराब है शराब

drink.jpgमेलबर्न : शराब पीने के बाद आदमी होश गंवा बैठता है होश गंवाने तो अच्छा है लेकिन कहीं इस नशे के चलते आप हिंसक हो गए तो क्या होगा? जी हां, वैज्ञानिकों का कहना है कि केवल दो गिलास वोदका पीने से मस्तिष्क में कुछ ऐसे परिवर्तन हो सकते है जो आक्रामकता से जुड़े है

प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स में बदलाव
शराब पीने के बाद अक्सर लोगों का व्यवहार बदल जाता है  इसे पीने के बाद कुछ लोग हिंसक हो जाते है वैज्ञानिकों ने यह समझने के लिए कि लोग शराब पीने के बाद हिंसक क्यों हो जाते हैं, एमआरआई स्कैन का इस्तेमाल किया अधिकतर सिद्धांतों के अनुसार एल्कोहल से संबंधित आक्रामकता मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स में परिवर्तन के कारण होती हैं हालांकि इन विचारों को साबित करने के लिए पर्याप्त न्यूरोइमेजिंग सबूत की कमी है

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50 लोगों पर की गई जांच
आस्ट्रेलिया में न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के थोमस डेन्सन के नेतृत्व में यह अध्ययन किया गया  इसके लिए अनुसंधानकर्ताओं ने 50 स्वस्थ युवा लोगों को चुना गयाप्रतिभागियों को या तो वोदका वाले दो गिलास पेय पदार्थ, या किसी शराब के बिना पेय पदार्थ दिए गए

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एमआरआई स्कैन से चला पता
वे प्रतिभागियों के बीच एमआरआई स्कैन में शराब का सेवन करने वाले लोगों  नहीं करने वाले लोगों के बीच अंतर कर सकते थे अध्ययन के अनुसार जिन लोगों ने एल्कोहल युक्त पेय का प्रयोग किया था, उनके व्यवहार में आक्रामकता देखी गई ऐसे लोगों के मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स की सक्रियता में कमी भी देखी गई

इसलिए अब वोदका पीने से पहले अच्छी तरह सोच लें कि आप क्या हो  वोदका पीने के बाद क्या हो सकते हो कहीं ऐसा ना हो कि योयो हनी सिंह के गाने ‘चार बोतल वोदका, कार्य मेरा रोज का’ की धुन पर आप एक के बाद एक वोदका के पैग चढ़ाते जाएं