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बजट 2018: अंतिम बजट से पहले मोदी सरकार के सामने हैं ये चुनौतियां

वित्त मंत्री अरुण जेटलीनई दिल्ली : आरबीआई निदेशक मंडल के साथ शनिवार को मीटिंग के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विश्वास जताया कि अगले वित्त साल में राजकोषीय स्थिति सामान्य हो जाएगी, इस समय कोई कमी नहीं दिख रही जेटली ने बोला कि जहां तक ऋण की बात है पूंजी मार्केट से इशारा मिलता है कि कंपनियां कॉरपोरेट बांड से अधिक पूंजी जुटा रही हैं इस दौरान भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर ऊर्जित पटेल ने कहा, पूंजी मार्केट से पूंजी जुटाना सरल होने से कंपनियों का शेयर पूंजी-ऋणपत्र अनुपात सुधरने का अनुमान हैवित्त मंत्री शनिवार को बजट में घोषित वित्तीय एरिया के सुधारों के मुद्दे पर रिजर्व बैंक  मार्केट नियामक इंडियन प्रतिभूति  विनिमय बोर्ड (सेबी) के निदेशक मंडल को संबोधित कर रहे थे

निवेशकों के लिए चिंता का विषय नहीं
इस दौरान रिजर्व बैंक द्वारा गवर्नमेंट को 13 हजार करोड़ रुपये के अलावा लाभांश ट्रान्सफर का मुद्दे पर भी चर्चा हुई सेबी चेयरमैन ने बोला कि कंपनियों को कॉरपोरेट बांड के जरिये पूंजी जुटाने के लिए प्रोत्साहन देने हेतु सेबी इस विषय में जल्दी ही प्रावधान तय करेगा सेबी चेयरमैन ने कहा, सूचीबद्ध कंपनियों के लिए 25 फीसदी पूंजी कॉरपोरेट बांड के जरिये जुटाना जरूरी करने का गवर्नमेंट का प्रस्ताव अच्छा कदम है उन्होंने शेयर मार्केट में गिरावट पर बोला कि वैश्विक कारणों से कुछ समय तक इंडियन मार्केट में उथल-पुथल जारी रह सकती है, लेकिन यह निवेशकों के लिए चिंता का विषय नहीं है

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भारतीय मार्केट पर कोई असर नहीं पड़ेगा
उन्होंने यह भी बोला कि यह कहना गलत है कि दीर्घकालिक पूंजीगत फायदा पर कर का इंडियन मार्केट पर कोई असर नहीं पड़ेगा, हालांकि यह छोटा जोखिम है, वैश्विक कारक बड़े जोखिम हैं मार्केट की गिरावट से छोटे निवेशकों को घबराने की आवश्यकता नहीं, वे म्यूचुअल फंड के जरिये निवेश कर अच्छा कर रहे हैं, लेकिन यह जमा खाता की तरह जोखिम से मुक्त नहीं है

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आपको बता दें कि वित्त मंत्री आम बजट पेश करने के बाद परंपरागत तौर पर रिजर्व बैंक निदेशक मंडल को संबोधित करते हैं बजट बाद की यह मीटिंग बांड प्रतिफल में मजबूती आने तथा ब्याज दर बढ़ने के कयासों की पृष्ठभूमि में हो रही है एक ऑफिसर ने बताया कि था कि फरवरी की सेबी की मीटिंग में विभिन्न बजट प्रस्तावों समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हो सकती है

वित्त मंत्री द्वारा पेश 2018- 19 के आम बजट में वित्त साल 2017-18 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद के 3.2 फीसदी तक सीमित रखने के बजाय संशोधित अनुमान में यह बढ़कर 3.5 फीसदी हो गया है अगले वित्त साल के लिए भी लक्ष्य तीन फीसदी से बढ़ाकर 3.3 फीसदी रखा गया है इससे पहले मीडिया में यह भी समाचार आ रही थी कि इंडियन स्टेट बैंक (एसबीआई) गवर्नमेंट से 8,800 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव पर निदेशक मंडल की मीटिंग में विचार करेगा एसबीआई ने बोला था कि निदेशक मंडल चौकस  जिम्मेदार सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों (पीएसबी) के लिए गवर्नमेंट के सुधार के एजेंडे के कार्यान्वयन पर भी विचार करेगा