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गवर्नमेंट ने फिर शुरू किया सिक्को की मींटिंग , लेकिन यह रहेगी शर्त

नई दिल्ली : कुछ दिन पहले ही समाचार आई थी कि इंडियन रिजर्व बैंक (RBI) ने सिक्कों का उत्पादन फिल्हाल रुकवा दिया है गवर्नमेंट के आदेश के बाद राष्ट्र की चारों टकसालों में सिक्कों की ढलाई का कार्य रोक दिया गया लेकिन अब समाचार है कि सिक्कों की ढलाई पूरी तरह बंद करने के निर्णय से केंद्र गवर्नमेंट पीछे हट गई है  सिक्कों की ढलाई का कार्य फिर से प्रारम्भ कर दिया गया है गवर्नमेंट के आदेश पर कोलकाता, मुंबई, नोएडा  हैदराबाद स्थित चारों सरकारी टकसालों (मिंट) में सिक्कों की ढलाई दुबारा प्रारम्भ कर दी गई है हालांकि सिक्कों के उत्पादन की गति धीमी कर दी गई है

धीमी गति से होगी सिक्कों की ढलाई
सूत्रों के अनुसार गवर्नमेंट ने अब धीमी गति से सिक्कों का उत्पादन करने के लिए बोला हैइसके तहत केवल एक शिफ्ट में ही कार्य होगा कोलकाता मिंट एम्पलॉईज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बिजन दे ने मीडिया से बताया कि गवर्नमेंट का आदेश मिलने के बाद शुक्रवार से सिक्कों का फिर से उत्पादन प्रारम्भ हो गया है उनके अनुसार, आदेश में सभी प्रकार के सिक्कों का उत्पादन करने के लिए बोला गया है

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रोजगार पर संकट पैदा हो गया था
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि पिछले दिनों नौ जनवरी को गवर्नमेंट ने राष्ट्र की चारों टकसालों को आदेश जारी कर तत्काल असर से सिक्कों की ढलाई का कार्य बंद करने के लिए बोला था इसके बाद टकसाल में कार्य कर रहे हजारों लोगों के रोजगार पर संकट पैदा हो गया था यूनियन के एक ऑफिसर के मुताबिक केंद्र गवर्नमेंट को इसको लेकर आगाह कराए जाने  चारों तरफ उठ रही विरोध की आवाजों को देखते हुए उत्पादन प्रारंभ करने का फैसला लिया गया है

हर वर्ष 1550 करोड़ सिक्कों की ढलाई
बताते चलें कि सरकारी टकसालों में हर वर्ष 1550 करोड़ सिक्कों की ढलाई हो सकती हैलेकिन भारतीय रिजर्व बैंक के पास सिक्कों का जरूरत से ज्यादा स्टॉक होने के कारण उत्पादन बंद करने का निर्णय किया गया था भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू साल 2017-18 के दौरान 771.2 करोड़ सिक्कों की ढलाई के लिए आदेश दिया था इनमें से 590 करोड़ सिक्कों का उत्पादन हो चुका है चालू वित्त साल के बाकी ढाई महीनों में लक्ष्य के अनुसार उत्पादन पूरा हो जाएगा

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क्यों बंद की थी सिक्कों की ढलाई
एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित समाचार में भारतीय रिजर्व बैंक के एक सीनियर ऑफिसर के हवाले से दावा किया गया था कि टकसालों से सिक्के इसलिए कम उठाए जा रहे हैं क्योंकि, भारतीय रिजर्व बैंक के कोषागार में पर्याप्त स्थान ही नहीं है कोषागार में पुराने 500  1000 रुपए के नोट भरे हैं नवंबर 2016 में नोटबंदी के चलते उस वक्त सर्कुलेशन में रहे नोटों का करीब 85 पर्सेंट भाग गैरकानूनी करार दिया गया था

नोएडा टकसाल में 2.53 अरब के सिक्के
नोएडा यूनिट के स्टॉक में करीब 2.53 अरब रुपए के सिक्के मौजूद हैं लेकिन, भारतीय रिजर्व बैंक ने इन्हें लेना बंद कर दिया है भारतीय रिजर्व बैंक की 2016-17 की सालाना रिपोर्ट में बताया गया है कि सर्कुलेशन में मौजूद सिक्कों की वैल्यू 14.7 पर्सेंट बढ़ी है इनमें 1  2 रुपए के सिक्कों का भाग 69.2 पर्सेंट था भारतीय रिजर्व बैंक 5  10 रुपए के नोटों के बजाय इनके सिक्कों के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है क्योंकि, कागज के मुकाबले मेटल ज्यादा लंबा चल सकता है