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अंधविश्वास के चलते किआ शादी से इंकार, बोला मेडिकल टेस्ट कराओ

Image result for पवित्रता के नाम पर होने वाली कुप्रथा के विरूद्ध दो बहनों ने खोला मोर्चामहाराष्ट्र की एक घटना ने मुहिम का रूप ले लिया है. यहां कंजरभट समुदाय की दो बहनों ने वो विषय उठाया है जो लड़कियों की गोपनीयता से जुड़ा है. खुद एक घटना की शिकार इनमें से एक बहन इस सामाजिक बुराई के विरूद्ध लड़ रही है कि विवाह से पहले कैसे कोई लड़कियों की वर्जिनिटी पर कोई भी गलत दावा कर सकता है. यानी ये कह सकता है कि फलां लड़की वर्जिन है  इसका कोई सबूत नहीं, सिर्फ एक अंधविश्वास जिसे चिकित्सक भी नकारते हैं.

ये मामला है पिंपरी चिंचवाड़ का जहां एक लड़की को विवाह से दो महीने पहले इसलिए प्रताड़ित किया गया कि वो अपनी वर्जिनिटी साबित करे. दूल्हा पक्ष इस बात पर अड़ गया कि वो लड़की की वर्जिनिटी जांच कर ही मानेगा. इसके बाद दूल्हा पक्ष ने अंधविश्वास की गलत परंपरा से उसका परीक्षण किया  उसकी वर्जिनिटी पर सवाल उठाकर उसे रिजेक्ट कर दिया.यानी की लड़की के परिवार को विवाह से मना सुनना पड़ा.

ऐसा नहीं है कि इस घटना से सिर्फ लड़की ही प्रताड़ित है, इस लड़की की दूसरी बहन  भाई पर भी सामाजिक दबाव साफ दिखाई दे रहा है. बहनों के साथ-साथ भाई का भी सामाजिक बहिष्कार देखने को मिल रहा है. लड़की के परिवार पर दबाव अब इस बात का है कि वो आखिर अपनी बेटियों की विवाह कैसे करेगा? सामाजिक स्तर पर परिवार सिर्फ नफरत की नजरों से देखा जा रहा है.

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इन सब के बीच हैदराबाद के एक वरिष्ठ चिकित्सक का यहां तक कहना है कि जिन धार्मिक मान्यताओं (अंधविश्वास) से इस परिवार का बहिष्कार हुआ है, दरअसल वो वैज्ञानिक रूप से भी अच्छा नहीं है. चिकित्सक भवानी प्रसाद का दावा है कि स्त्रियों की वर्जिनिटी पर जिस तरह से सवाल खड़े किए जा रहे हैं वो गलत हैं. यानी वो उपाय अच्छा नहीं है जिससे गांव के लोग किसी भी लड़की को कुमारी होने या ना होने का प्रमाण लेटर देते हैं.

चिकित्सक का यहां तक कहना है जिस शारीरिक ढांचे को देखकर ग्रामीण ये दावा करते हैं, महत्वपूर्ण नहीं है कि उसमे इस तरह के परिवर्तन यही साबित करते हों कि लड़की अब कुमारी नहीं रही या फिर उसकी वर्जिनिटी खत्म हो गई है. बहरहाल पीड़ित बहनें न्याय की आस में हैं  अभी भी हिम्मत नहीं हारीं हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से वो ग्रामीणों की जागरुकता की खातिर लड़ रही हैं. ऐसे में ये सामाजिक बुराई या फिर कहिए लड़ाई अब जनता के बीच आ चुकी है.