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मेयर चुनाव के बाद BJP को मिलेगा नया अध्यक्ष, दावेदारों में इनके नाम

आखिरकार चंडीगढ़ को नया मेयर मिल ही गया. आज हुए चुनाव में भाजपा के देवेश मोदगिल शहर के 22वें मेयर के तौर पर विजयी रहे. उन्होंने कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार देवेंद्र सिंह बबला को हराया. बीजेपी के गुरप्रीत ढिल्लों सीनियर डिप्टी मेयर बने. भाजपा के विनोद अग्रवाल नए डिप्टी मेयर बने.

चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर  डिप्टी मेयर के लिए आज चुनाव हुए. मेयर पद के उम्मीदवार देवेश मोदगिल को 27 में से 22 वोट मिले, वहीं कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार देवेंद्र बबला को सिर्फ 5 वोट मिले.

selection of new chandigarh bjp president after mayor election, expected candidatesमेयर चुनाव में बीजेपी के एक पार्षद ने क्रॉस वोट किया. सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव में दो क्रॉस वोट हुईं. 9 मनोनित पार्षद वोटिंग नहीं कर सके. वहीं इस बार निगम इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि मनोनीत पार्षदों ने वोट नहीं डाले.

वैसे भी मोदगिल का मेयर बनना पहले से तय माना जा रहा था, 23 वोट बीजेपी के समर्थन में थे. इनमें बीजेपी के 20 पार्षद, अकाली के एक, सांसद  निर्दलीय का एक-एक वोट शामिल था.

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मेयर को मिलती है यह सुविधा

मेयर को सेक्टर-24 में सरकारी आलीशान घर के अतिरिक्त सरकारी गाड़ी मिलती है. मेयर को दो सुरक्षाकर्मी के अतिरिक्त कार का सरकारी चालक मिलता है. घर पर कार्य करने के लिए दो सेवादार भी मिलते हैं. मेयर का अधिकारियों में दबदबा भी रहता है.

नगर निगम में जो भी वित्त एवं अनुबंध कमेटी  सदन में प्रस्ताव पास होने के लिए आता है, वह मेयर के माध्यम से ही आता है. मेयर किसी भी प्रस्ताव को रोक भी सकता है. मेयर को हर वर्ष दो करोड़ रुपये का फंड मिलता है, जो वह पूरे शहर के विकास में खर्च कर सकता है.

सीनियर डिप्टी मेयर को 20 लाख  डिप्टी मेयर को 10 लाख रुपये का फंड मिलता है. इसके अतिरिक्त हर माह 25 हजार रुपये का मानदेय मिलता है. सांसद के बाद मेयर का पद ही शहर में अहम है. मेयर का कार्यकाल एक वर्ष का होता है.

सीनियर डिप्टी  डिप्टी मेयर के पास कोई अधिकार नहीं होता है. सुविधा के नाम पर सिर्फ उन्हें नगर निगम में कमरा मिलता है, लेकिन उनके पास कोई फाइल नहीं आती है. पार्षद कई बार सीनियर डिप्टी  डिप्टी मेयर के लिए सरकारी गाड़ी की मांग कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन यह मांग खारिज कर चुका है.