Loading...
Home >> State >> प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में मीसा भारती के खिलाफ चार्जशीट फाइल की

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में मीसा भारती के खिलाफ चार्जशीट फाइल की

ed files charge sheet in delhi court against rjd chief lalu prasad yadavs daughter misa bhartiनई दिल्‍ली : प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) मामले में दिल्ली की एक न्यायालय में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती के विरूद्ध दूसरा आरोपपत्र दायर किया है पीएमएलए मामले में मीसा भारती के विरूद्ध दायर दोनों आरोप पत्रों पर पांच फरवरी को विचार किया जाएगा

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने बीते 23 दिसंबर 2017 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 8,000 करोड़ रुपये के धनशोधन मामले में शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सांसद किया था प्रवर्तन निदेशालय ने पटियाला हाउस न्यायालय के विशेष न्यायाधीश नरेश कुमार मल्होत्रा के समक्ष आरोप-पत्र दाखिल किया था न्यायाधीश ने इस मामले पर सुनवाई के लिए जनवरी का प्रथम हफ्ते तय किया है प्रवर्तन निदेशालय के ऑफिसर ने बताया कि लालू की बड़ी बेटी मीसा भारती के विरूद्ध धनशोधन कानून के तहत आरोप-पत्र दाखिल किया गया

Loading...
loading...
यह भी पढ़ें:   चेन्नई :नाराज यात्री एयरपोर्ट स्टाफ से भिड़े

पहली चार्जशीट में मीसा के मुख्यमंत्री का नाम भी
प्रवर्तन निदेशालय ने जुलाई में इस मामले के विषय में भारती के चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल के विरूद्ध पूरक आरोप-पत्र दायर किया था, जिसमें कुछ कारोबारियों समेत कारोबारी बंधु सुरेंद्र जैन  वीरेंद्र जैन सहित लगभग 35 लोग आरोपित थे इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 20 मार्च को जैन बंधुओं को अरैस्ट किया था इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने मई में पहला आरोप-पत्र दायर किया था, जिसके बाद 22 मई को अग्रवाल को अरैस्ट कर लिया गया अग्रवाल पर भारती के पति की कंपनी, मिशैल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड की गलत तरीके से मदद के भी आरोप हैं इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भारती से पूछताछ की थी  दिल्ली में उनके तथा पति से संबंधित तीन ठिकानों पर छापे मारे थे

नकदी धनराशि लाभार्थियों की ओर से मध्यस्थों द्वारा लाई गई : ED
प्रवर्तन निदेशालय के आरोप-पत्र के अनुसार, जैन बंधुओं का कार्य नकदी को ठिकाने लगाने, लेनदेन के तरीके तलाशने  अंत में शोधित धन को एक स्थान जुटाकर उसे बैंकिंग व्यवस्था में वैध शेयर प्रीमियम लेनेदेन के रूप में दिखाकर काले धन को सफेद करना था आरोप-पत्र में बोला गया कि नकदी धनराशि लाभार्थियों की ओर से मध्यस्थों द्वारा लाई गई आरोप-पत्र में बोला गया है, “जैन बंधुओं ने इस प्रक्रिया के तहत काले धन को शेयर प्रीमियम में बदल कर कुछ फीसदी आमदनी कमाए” आरोप-पत्र के अनुसार, “जांच के दौरान यह पता चला कि 2007-2009 के दौरान मिशैल पैकर्स  प्रिंटर के 1,20,000 शेयरों को शिलिनी होल्डिंग्स लिमिटेड, एड-फिन कैपिटल सर्विसिस (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, मनी माला, दिल्ली प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड  डायमंड विनीम प्राइवेट लिमिटेड जैसी चार फर्जी कंपनियों द्वारा 100 रुपये प्रति शेयर पर खरीदा गया”